Wednesday, March 25, 2020

आखिर कोरोना वायरस कैसे पहुँचा इटली में और कैसे हुआ इतना बेकाबू : By Dr Seema Singh

                  इटली एक बहुत खूबसूरत देश है लेकिन पिछले एक महीने से इस देश में कोरोना वायरस के चलते जो हालात बने हुए हैं वो किसी से छिपे नहीं हैं !
कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है 
             
            पूरे देश में लॉकडाउन है, लोग अपने घरों में बंद हैं! कोरोना के मरीजों की संख्या हर रोज़ तीव्र गति से बढ़ रही है! पिछले एक हफ्ते से इटली में मौत का आँकडा औसत रूप से प्रतिदिन 700 के आस-पास है!
             कोरोना का केंद्र तो चीन का वुहान था फिर ये इटली कैसे पहुँचा, इसका जवाब तो यही हो सकता है कि किसी चीनी पर्यटक के द्वारा पहुँच गया होगा ! चीन से बहुत अधिक संख्या में लोग घूमने फिरने के लिये इटली जाते हैं! लेकिन जब चीन में मनुष्य से मनुष्य में फैलनी वाली इस बीमारी से रोज ही लोग मर रहे थे तो उस समय में किसी भी  चीनी नागरिक का इटली जाना कहाँ तक उचित माना जाए!

खूबसूरत इटली

          खबरों के मुताबिक देखा जाए तो चीनी नागरिकों के साथ शुरुआत में जब इटली में कुछ दूरी बनाई जा रही थी तभी वहाँ के एक मेयर ने ये कहा कि हमें इन लोगों से ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिये नहीं तो हम पर नस्लवाद का आरोप लगेगा! उसी दौरान एक चीनी पर्यटक सड़क पर प्लेकार्ड लेकर खड़ी हो गई ,उस प्लेकार्ड में लिखा था कि मैं वायरस नहीं हूँ, मैं एक इन्सान हूँ, मुझे भी गले से लगाइये! (I am not a virus, I am a human being so please hug me)
                   इसके बाद तो दो दिन के अंदर करीब पाँच हजार लोगों ने उस चीनी पर्यटक को गले लगाया, कुछ ने तो उनके मास्क भी  हटा दिये! जब ये सब हो रहा था इटली में, तब चीन में सभी लोग बहुत खुश हो रहे थे! कहीं ये चीन के द्वारा की गई कोई साजिश तो नहीं थी या फिर इसे इटली के लोगों की असावधानी भर कहेंगे!
                 इसके बाद इटली में शुरुआती दौर में कुछ मरीजों में एक दो लक्षण आए भी तो उसे गंभीरता से नहीं लिया गया! मरीजों को साधारण निमोनिया या बुखार की दवा देकर घर भेेज दिया गया लेकिन जब दो मरीजों की मौत हो गई तब कोरोना  वायरस की टेस्टिंग शुरू की गई! फिर तो एकदम से कई केस पॉजिटिव पाए गए! लेकिन तब भी वहाँ के कुछ लोग पिक्निक मनाने में व्यस्त थे!

                    इटली में इन्हीं सब लापरवाहियों या प्रारम्भ में कम गंभीरता के चलते केसों की संख्या भी बहुत तेजी से बढ़ी और मौत का आँकड़ा हर रोज़ बढ़ता चला गया! जबकि दुनिया जानती है  कि इटली की स्वास्थ्य सुविधाएं विश्व में नंबर दो पर आती हैं! इटली में इतनी अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं व बेहतरीन डॉक्टर होने के बावजूद कोविड 19 पर काबू पाना बहुत ही मुश्किल हो चुका है!

कोरोना पीड़ित को जिन्दा रखने की कोशिश 

                      इटली में हर रोज़ लाशों का अंबार लगता है, जिन्हें दफनाने के लिये सेना की मदद ली जाती है! सेना के ट्रक उन्हें बाहर  दूसरे स्थानों पर ले जाते हैं क्योंकि अब दफनाने का नियत स्थान भी तो नहीं बचा !इटली के हालात सुनकर किसकी आँखें नम नहीं हो जाएंगी !ऐसे मुश्किल दौर में सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश के मुखिया की होती है! इटली के प्रधानमंत्री ग्विसिपे कोंटे ने कोरोना पर विजय पाने के सभी प्रयास कर लिये लेकिन उसे नियंत्रित नहीं कर पाए! ऐसे में उनकी बेबसी को देखा जा सकता है जब उन्होंने ये कहा कि हमारी तरफ से हर तरह के प्रयास किये जा चुके हैं, अब सबकुछ ऊपरलाले के हाथ में है!
           
लाशों को ले जाते हुए ट्रक 
               अब इटली जैसी ही स्थिति स्पेन में शुरू हो गई है! कल इटली में 683 मौतें हुई थीं वहीं स्पेन में भी 656 मौतें हुईं! इटली में अब तक कुल  7503 मौतें हो चुकी हैं ,वहीं स्पेन में भी 3647 मौतें हो चुकी हैं! अमेरिका में भी कोरोना के केसों की संख्या 68203 हो चुकी है जिसमें से 1000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है! भारत में भी कोरोना के मरीजों की संख्या 600 के पार पहुँच चुकी है और 14 लोगों की मौत हो चुकी है!
 
                 भारत में 21 दिनों का संपूर्ण देश में लॉकडाउन है! यदि भारतीय नागरिकों ने आत्मसंयम और आत्मअनुशासन दिखा दिया तो 130 करोड़ का ये सबसे बड़ा लोकतंत्र कोरोना पर विजय पाने में सफल हो सकता है! हम सबको इटली की गलतियों से सीखकर खुद को बचाना है, देश को बचाना है! इटली ,स्पेन, अमेरिका आदि सभी देशों के लिये हम सिर्फ प्रार्थना कर सकते हैं कि सभी देश अब जल्द ही इस विपदा से बाहर निकल आएं!
                                     -- डॉ सीमा सिंह 

Friday, March 20, 2020

गैरजिम्मेदार और लापरवाह नागरिकों ने देश को कोरोना के तीसरे चरण की ओर धक्का दे दिया है! --By Dr Seema Singh

                    विश्व के प्रत्येक कोने में जीवन की जंग चल रही है ,ऐसा लग रहा है कि दुनिया तीसरा विश्व युद्ध लड़ रही है !सबकी जबान पर एक ही बात है कि जान है तो जहान है, जान बची रही तो फिर से सब ठीक कर लेंगे! अर्थव्यवस्था डूबेगी कोई बात नहीं, उससे उबर जाएंगे लेकिन अपने लोगों को मरने नहीं दे सकते! केंद्र सरकार युद्ध स्तर पर जुटी हुई है ताकि कोरोना वायरस को द्वितीय चरण से आगे बढ़ने से रोका जा सके! राज्य सरकारें हर पल अपने राज्यवासियों की सुरक्षा के लिये नए -नए कदम उठा रही हैं!
            हमारे देश के सभी स्वास्थ्य कर्मी चाहे डॉक्टर हों, नर्स हों, फार्मासिस्ट हों या अन्य सहायक कर्मचारी हों, दिन रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं! इस नाजुक समय में युद्घ के असली सिपाही तो ये स्वास्थ्य कर्मी ही हैं! मीडिया भी पूरी तरह से मुस्तैद है, हर जरूरी जानकारी प्रतिपल जनता तक पहुँचा रही है! सभी सफाई कर्मचारी भी अपनी परवाह किये बिना अपनी सेवाएं दिये जा रहे हैं! वो सभी नागरिक जो कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये अपने आप को क्वारंटाइन में रख रहे हैं और दूसरों को घर में बैठने के लिये प्रेरित कर रहे हैं,ऐसे सभी लोग  बधाई के पात्र हैं!
एक डॉक्टर का निवेदन
                   इस सबके उलट कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बेपरवाह होकर हर जगह घूमते रहते हैं, कुछ लोग धरने पर बैठे हैं जैसे दिल्ली में शाहीनबाग और लखनऊ में घंटाघर पर महिलाएं बैठी हैं !उनसे उठने को कहा जाता है तो अजीब से तर्क देती हैं कि उन्हें कोरोना नहीं होगा या फिर कहती हैं कि हमें मरने से डर नहीं लगता लेकिन सच्चाई को और मामले की गंभीरता को न तो वो समझ पा रही हैं और न ही उनको उकसाने वाले लोग वहाँ जाकर समझा रहे हैं! 
           आज एक उच्च वर्ग की पढ़ी लिखी, सुशिक्षित, बॉलीवुड सिंगर  कनिका कपूर ने जिस लापरवाही का परिचय दिया है उसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम ही होगी! 
कनिका कपूर 
ये मैडम 9 मार्च को लंदन से मुंबई आईं, उसके बाद अगले दिन ये लखनऊ पहुँचीं, लखनऊ में ये तीन पार्टी करती हैं, शॉपिंग करने जाती हैं, कानपुर में अपने मामा के घर भी जाती हैं वहाँ भी दो दिन रुकती हैं और इन सभी मौकों पर सबके साथ सेल्फी लेती हैं! इनकी पार्टियों में सांसद, मंत्री और बड़े -बड़े नेता शामिल होते हैं यहाँ तक कि उत्तर प्रदेश के वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री भी सपरिवार सम्मिलित होते हैं! आज 20 मार्च को कनिका कपूर कोरोना वायरस के लिये पॉजिटिव पाई गईं!                                
                     अब ये अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल प्रतीत हो रहा है कि कनिका कपूर कितने लोगों को कोरोना का संक्रमण दे चुकी हैं! क्या इनकी ये जिम्मेदारी नहीं बनती थी कि ये लंदन से लौटने के बाद सेल्फ क्वारंटाइन में चली जातीं लेकिन इन्होंने लापरवाही की जो कि आज अपराध की श्रेणी में आ चुका है! इन्होंने न जाने कितने लोगों की जिन्दगियाँ खतरे में डाल दी हैं! शासन और प्रशासन का काम बढ़ा दिया, सरकार का करोड़ो रुपये का खर्च बढ़ा दिया क्योंकि अब लखनऊ, कानपुर और गौतमबुद्ध नगर को सैनिटाइज किया जाएगा! अच्छा ही हुआ कि लखनऊ के डी एम ने कनिका कपूर पर धारा 188,269 और 270 के तहत एफ आई आर दर्ज करवा दी है ताकि दूसरे गैर जिम्मेदार लोगों को कुछ सीख मिल सके! 
                          एक तरफ हमारी सरकार कोरोना को फैलने से रोकने के लिये सभी संभव प्रयास कर रही है वहीं दूसरी ओर मंत्री और सांसद पार्टी कर रहे हैं! इस नाजुक समय में जब चारों तरफ सोशल डिस्टैंसिंग की बात हो रही है तब ये नेता और मंत्री सोशल गेदरिंग कर रहे हैं, क्या इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है कि ये अपने आचरण से समाज के समक्ष एक नजीर पेश करें! 
वसुंधरा राजे, कनिका कपूर सेल्फी लेते हुए 
                              ऐसे ही कुछ और भी  केस चर्चा में आए हैं जिन्होंने विदेेश से लौटने के बाद क्वारंटाइन का नियम नहीं माना और दो- चार दिन सबके बीच घूमते रहेे ,ये सभी केस पॉजिटिव पाए गए! 
लंदन से लौटा लड़का ,माँ के साथ 


           ये लड़का कोलकाता की एक सीनियर आई ए एस अधिकारी का बेटा है, ये लंदन से लौटने के बाद दो दिन ऐसे ही घूमता रहा और कोरोना पॉजिटिव पाया गया! इसने न जाने कितने लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण दे दिया होगा! ऐसा ही एक केस बंगलौर में भी  पाया गया, जो कि जर्मनी से लौटा था और उसकी माँ ने उसे आइसोलेशन में भेजने के बजाय अपने साथ गेस्टहाउस में रखा! वह  रेलवे की अधिकारी थी लेकिन उसकी इस हरकत के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है! ऐसे ही केस अहमदाबाद और राजस्थान में भी  सामने आए हैं जो कि विदेश से लौटकर सबके बीच घूमते रहे और कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं! 
                      इन सब लोगों ने अब तक न जाने कितने लोगों के बीच कोरोना वायरस पहुँचा दिया होगा! मोदी जी की कोशिशों को नाकाम करने के लिये ये लापरवाह, गैर जिम्मेदार नागरिक यहाँ वहाँ विचरण कर चुके हैं! क्या हम लोग  तृतीय चरण में जाने से बच सकते हैं? नहीं बच पाएंगे क्योंकि इस तरह के मूर्ख नागरिकों की कमी नहीं है इस देश में! फिर भी उम्मीद करूँगी कि हमारा देश चीन और इटली जैसे कठिन, दर्दनाक समय को न देखे! अभी भी सब लोग सुधर जाएं तो शायद हमारा भारत इस जंग को जीतने में कामयाब हो जाए! 
                                   --डॉ सीमा सिंह 

Saturday, March 14, 2020

कोरोना की गिरफ्त में पूरा विश्व और चरमराती वैश्विक अर्थव्यवस्था --:By -Dr Seema Singh

                                                                                                     
कोरोना वायरस 
                 कोरोना से वैश्विक जंग जारी है, अधिकांश विश्व कोरोना की चपेट में आ चुका है! प्रत्येक देश अपनी लड़ाई लड़ रहा है! विश्व स्वास्थ्य संगठन ने  कोविड-19 (#covid_19) को पैंडेमिक (Pandemic)  घोषित कर दिया है !करीब डेढ़ लाख लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं जिसमें से पाँच हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं!
                ये वह समय चल रहा है जब सामाजिकता से कट कर रहना है और निजता पर ध्यान देना है लेकिन जब भी मौका मिले अपने आस-पास के लोगों को जागरुक करते रहना है! यदि थोड़ा सा भी  खांसी, जुकाम या बुखार प्रतीत होता है तो खुद को अपने परिवार और साथियों से या अन्य किसी भी व्यक्ति से दूर रखें ताकि स्वयं को और दूसरों को कोरोना से बचाए रख सकें!
सावधानी आवश्यक है 

                    अपनी इम्यूनिटी (Immunity)  अर्थात रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें! इम्यूनिटी बढ़ाने के लिये कुछ खास बातों पर ध्यान दे सकते हैं जैसे -
-गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा, अदरक, विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ (नींबू, संतरा, आँवला आदि) हल्दी आदि का सेवन किया जा सकता है! इसके अतिरिक्त नियमित व्यायाम विशेष रूप से प्राणायाम, अनुलोम-विलोम आदि करना भी लाभकारी साबित हो सकता है!
अश्वगंधा चूर्ण

                       कोरोना से डरो ना! दूर से नमस्ते करो, किसी से हाथ मिलाओ ना! लापरवाही बरतो ना! 
         चीन से कोरोना पूरे विश्व में फैल गया, चीन तो सर्वाधिक प्रभावित देश है ही, चीन के बाद अधिक प्रभावित देशों में ईरान और इटली हैं !ये वो देश हैं जहाँ पूरी तरह से लॉकडाउन हो चुका है करोड़ों लोग घरों में बंद हैं! अमेरिका में  भी मौत का आंकड़ा बढ़ता हुआ देखकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कल पूरे देश में आपातकाल लगा दिया साथ ही ब्रिटेन को छोड़कर अन्य सभी यूरोपीय देशों के लिये अपने दरवाजे बंद कर लिये! स्पेन में भी आपातकाल लागू है!
              सम्पूर्ण वैश्विक अर्थव्यवस्था अपनी पटरी से उतरती नजर आ रही है, सब कुछ ठप्प चल रहा है! 2020-21 में मूडीज ने वैश्विक अर्थव्यवस्था का 1.9% रहने का अनुमान किया है! भारत समेत दुनिया की 15 बड़ी अर्थव्यस्थाओं पर कोरोना का घातक प्रहार हो रहा है! भारत की अर्थव्यवस्था को 34.8 करोड़ डॉलर के नुकसान की आशंका जताई जा रही है!
           सिर्फ आम लोग नहीं कुछ वीवीआईपी लोगों को भी  कोरोना का संक्रमण हो चुका है ! कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की पत्नी सोफी ट्रूडो कोरोना के लिये पॉजिटिव पाई गई हैं इसलिये जस्टिन ट्रूडो को भी आइसोलेशन में रखा गया है! हॉलीवुड ऐक्टर टॉम हैक्स और उनकी पत्नी दोनों ही कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं! ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री और ऑस्ट्रेलिया के गृहमंत्री भी  कोरोना की चपेट में आ चुके हैं!
कोरोना किसी को भी  हो सकता है लेकिन यदि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है तो कोरोना के मरीज आसानी से ठीक भी  हो जाते हैं!
              भारत का नमस्ते आज पूरी दुनिया में अपनाया जा रहा है यह भारत और भारतीय संस्कृति के लिये अत्यंत गर्व की बात है! अभी ये तो नहीं पता कि ये  जैविक आपदा और कितने दिन रहने वाली है लेकिन हमें बिना भयभीत हुए सतर्कता और सावधानी से इस महामारी  को हराना है और कोरोना को धरती से भगाना है!
                                         --डॉ सीमा सिंह 

Sunday, March 8, 2020

महिला दिवस कितना कारगर रहा उन गरीबों और शोषितों के लिये......

 मदर टेरेसा : प्रत्येक महिला को गौरवान्वित करती हैं! 

                   महिला हूँ इसीलिये खास हूँ आज के दिन क्योंकि आज का दिन महिलाओं के नाम समर्पित किया गया है! क्या प्रत्येक महिला को आज उसके घर में मान सम्मान मिला होगा ? नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है! यह महिला दिवस जानने वाले अधिकांश  लोग भी  इस सोशल मीडिया की देन हैं! मेरी माँ, मेरी दादी,  और मेरी नानी के जीवन में मैंने कभी महिला दिवस नहीं देखा और ऐसी ही करोड़ों महिलाएं हैं जिनके जीवन में कभी महिला दिवस नहीं आया! 
                      क्या एक दिन महिला दिवस मना लेने से महिलाओं को सम्मान मिल जाता है, या उनके प्रति धारणा बदल जाती है ! प्रत्येक वर्ष महिला दिवस आता है और चला जाता है, कुछ लोगों को सम्मान भी मिल जाता है!  उन महिलाओं का क्या जिन्हें न तो वर्ष भर सम्मान मिलता है और न ही महिला दिवस के दिन जबकि वो अपना पूरा जीवन अपने परिवार के लिये बिना किसी दिखावे के समर्पित कर देती हैं! 
                      यह बात सत्य है कि महिला दिवस  के दिन बहुत सी महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान किया जाता है जो कि अन्य महिलाओं के लिये भी  प्रेरणास्पद होता है!  क्या सच  में  ये एक दिन का महिला दिवस आधी आबादी के साथ पूर्ण न्याय  करता है ! मुझे लगता है कि 80 % महिलाओं के साथ बिल्कुल भी न्याय नहीं करता है! वह महिलाएं, महिला दिवस के दिन भी रोजमर्रा की जिन्दगी में पारिवारिक दायित्वों के बोझ से जूझती हैं, उनसे कोई दो मीठे बोल बोलने वाला भी नहीं होता है! 
                  महिलाओं के बारे में लोगों की धारणा जब तक नहीं बदलती तब तक किसी भी दिवस को मनाने का कोई फायदा नहीं है! जिस तरह से महिलाओं के साथ अपराध होते हैं, वे घरेलू हिंसा और दहेज हत्या  का शिकार होती हैं, बलात्कार का शिकार होती हैं ऐसे में तीन सौ पैसठ दिन में एक दिन का महिला दिवस बेमानी लगता है! महिला दिवस के दिन क्या कोई भी पुरुष यह संकल्प लेता है कि वह आज के बाद प्रत्येक महिला को सम्मान की दृष्टि से देखेगा, उसकी इज्ज़त करेगा! 
               महिलाएं सिर्फ एक दिन विशेष सम्मान की हकदार नहीं बल्कि हमेशा ही उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिये! नारी ईश्वर की सर्वोत्तम रचना है, वह जननी है, यदि वह न हो तो जीवन की कल्पना करना भी नामुमकिन है! नारी का जीवन आसान नहीं होता है, प्रकृति ने नारी को बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, बहुत सारा दर्द सहन करने की क्षमता दी है और बिना उफ किये दर्द में भी मुस्कुराने की कला दी है!  उसके भी  ऊपर परिवार और समाज में उसे ही दोयम दर्जा दे दिया गया! क्या  वास्तविकता में नारी को इंसाफ मिला है !
                       महिला दिवस को तभी कारगर माना जा सकता है जब उन्हें वास्तव में बराबरी का हक और सम्मान मिले, उनके साथ होने वाले अपराध खत्म हो जाएं और वो बिना किसी डर के इस समाज में सिर उठाकर जी सकें !उम्मीद करती हूँ कि थोड़ा ही सही परन्तु प्रत्येक महिला के जीवन में सकारात्मक बदलाव जरूर आएंगे! विश्व की प्रत्येक महिला को उसके महिला होने पर गर्व महसूस कराने वाले पल जरूर मिलने चाहिये !
                            --डॉ सीमा सिंह