Tuesday, June 16, 2020

कौन हैं वो लोग जिन्होंने सुशांत सिंह राजपूत को आत्महत्या करने के लिये मजबूर किया / -: डॉ सीमा सिंह

      आज के समय में डिप्रेशन सबसे बड़ी बीमारी बन चुकी है !
अधिकांश मामलों में डिप्रेशन में चले गए व्यक्ति को इसका अंदाजा भी नहीं होता कि वह किसी बीमारी से गुजर रहा है !सुशांत सिंह राजपूत भी डिप्रेशन के शिकार थे ,उनका इलाज भी चल रहा था लेकिन उनके जैसा कुशाग्र बुद्धि वाला, प्रतिभाशाली, मेहनती और सफल व्यक्ति को आखिर किस बात का दुःख था!
   
                             सुशांत सिंह राजपूत 
               
                सुशांत सिंह राजपूत एक बेहतरीन छात्र रहे हैं, सदा ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं, उन्होंने 12वीं क्लास के बाद इंजीनियरिंग की 11 परीक्षाएं उत्तीर्ण की !ऑल इंडिया एंट्रैस इक्ज़ाम में 7वीं रैंक हासिल की थी, दिल्ली में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे ,वहीं से वह डांस, फिर ऐक्टिंग के रास्ते आज बॉलीवुड में  सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ रहे थे! 
           इतना ब्रिलियंट इंसान जिसने जो चाहा वह हासिल किया, आज उनके पास दौलत और शोहरत सब कुछ था लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि यह सितारा जो अपने घर में टेलीस्कोप रखता था और वहीं से रात में आकाशगंगा को देखने वाला, खुद ही डिप्रेशन में चला गया !
 
   
                                 सुशांत सिंह राजपूत 
              
                    सुशांत सिंह राजपूत ने पटना से निकलकर दिल्ली  होते हुए मुंबई में अपने टैलेंट को साबित किया, वहाँ बिना किसी गॉडफादर के एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्मों में काम किया ! वह सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते जा रहे थे, लेकिन शायद बॉलीवुड के कुछ ठेकेदारों को यह अच्छा नहीं लग रहा था, इसीलिये उन लोगों ने अपनी गुटबाजी के चलते इस होनहार और हुनरमंद कलाकार को इंडस्ट्री से बाहर का रास्ता दिखाने की प्लानिंग कर ली! 
                 डायरेक्टर शेखर कपूर ने बिना उन लोगों का नाम लिये ये ट्वीट किया कि " सुशांत मुझे पता था जिस दर्द से आप गुजर रहे थे, मैं उन लोगों की कहानी जानता था जिनकी वजह से आप परेशान थे, आप मेरे कंधे पर सिर रखकर रोते थे............काश कि मैं पिछले 6 महीने आपके साथ होता.. जो तुम्हारे साथ हुआ वो उनका कर्म था तुम्हारा नहीं! "

      अभिनेत्री कंगना रनौत ने खुलकर अपने वीडियो में कहा है कि बॉलीवुड में बाहर के लोगों को प्रतिभावान होने के बावजूद नीचा दिखाया जाता है, उन्हें वो सम्मान नहीं दिया जाता जिसके वो हकदार होते हैं... कंगना ने तो सुशांत की आत्महत्या को प्लान्ड मर्डर कहा है...! 
         इसके बाद विवेक ओबरॉय ने भी एक ओपेन लेटर लिख कर यह जिक्र किया कि काश वह पहले मिलने आते और वह उनसे अपना अनुभव साझा कर पाते... यह भी यही संकेत कर रहा है कि विवेक ओबरॉय भी बॉलीवुड की गुटबाजी के शिकार रह चुके हैं! 
            अभिनेत्री  उर्मिला मातोंडकर और रवीना टंडन ने भी यह बोला है कि बॉलीवुड में सब कुछ ठीक नहीं है !  बॉलीवुड के ही कुछ और भी लोगों ने खुलकर अपने विचार रखे हैं जो यह साबित करता है कि छोटे शहरों से आए कलाकारों को बॉलीवुड में अच्छी फिल्में करने के बावजूद किनारे करने की कोशिश की जाती है! 

  
                                  KRK tweet
   
        कमाल खान का फरवरी 2020 का एक ट्वीट सामने आया है जिसमें लिखा है कि सुशांत को बैन कर दिया गया है ,बड़े प्रोडक्शन हाउसेज जैसे कि करन जौहर का धर्मा प्रोडक्शन, यशराज फिल्म्स, टी सीरीज, बालाजी सलमान खान फिल्म्स, साजिद नाडियाडवाला आदि ने सुशांत सिंह राजपूत को बैन कर दिया था...! साथ ही पिछले छह महीनों मे सुशांत को सात फिल्मों से निकाल दिया गया था... अब सुशांत केवल वेबसीरीज और टीवी सीरियल में ही काम कर सकते थे....! ये सब बातें कितनी सच हैं यह तो जाँच के बाद ही सामने आएगा किंतु यदि यह सब सही साबित हुआ तो आखिर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के लिये क्या इन लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा! 
         डिप्रेशन में आत्महत्या के खयाल आना स्वाभाविक है लेकिन किसी भी तरह से अपने आप को इस समस्या से निकालना ही होता है ! समस्या कितनी भी बड़ी हो उसका कोई न कोई हल जरूर होता है...! आत्महत्या किसी भी समस्या का हल नहीं है! सुशांत जैसा मजबूत इंसान इतना कमजो़र नहीं हो सकता कि वह अपनी ज़िंदगी को ऐसे ही समाप्त कर ले.... अभी तो बहुत ऊँचाइयों तक जाना था.... ! लेकिन निष्ठुर बॉलीवुड गैंग्स या फिर कुछ और कारण था जिसने सुशांत जैसे सपने देखने वाले जिंदादिल इंसान को इतना मजबूर कर दिया कि उसने जिंदगी के आगे घुटने टेक दिये! 
          
               
              सुशांत की मौत ने सभी के सामने कुछ सवाल तो खड़े किये हैं...... कि जिंदगी  का अकेलापन डिप्रेशन को बढ़ावा देता है... डिप्रेशन में चल रहे इंसान को किसी के साथ की और साथी की बहुत जरूरत होती है ! अकेले में इंसान  दुख और निराशा के पलों में हार जाता है और मौत को गले लगा लेता है.....!  इसलिये डिप्रेशन के रोगी को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिये! 
                   -- डॉ सीमा सिंह 
                     (Dr Seema Singh) 
                  
                

Wednesday, June 3, 2020

क्या इंसान जानवर जितना भी संवेदनशील नहीं रहा... : By Dr Seema Singh

       मनुष्य को इस धरती पर सबसे अधिक बुद्धिमान प्राणी माना गया है ! ऐसा माना जाता है कि मनुष्य का जीवन मिलना बड़े सौभाग्य की बात है, लोग कहते हैं कि पूर्व जन्म में  जरूर कोई पुण्य कर्म किये होंगे तभी तो मानव तन मिला है !
         मनुष्य होकर भी मनुष्यता न दिखाएं तो मनुष्य होने का क्या लाभ ! इंसान का दिमाग सर्वश्रेष्ठ होता है तभी तो वह अन्य सभी जीवित प्राणियों को नियंत्रित करने के प्रयास में लगा रहता है! छोटे से बड़े सभी जीव- जन्तु मनुष्य के वश में हैं ! मानव हैं तो संवेदना भी जरूर होगी, यदि आप संवेदनशील नहीं हैं तो आपके मनुष्य होने पर संदेह है !

 
        
         
         क्या किसी इंसान को बेजुबानों के साथ क्रूरता पूर्ण काम करना चाहिये ? केरल में एक हथिनी (female elephant)  के साथ किसी ने बहुत ही घिनौना और क्रूर कृत्य किया है, शायद मज़े के लिये किया हो !
 
  
                          गर्भवती फीमेल हाथी 
         किसी ने अनन्नास में पटाखे रखकर उस फीमेल हाथी को खिला दिया, उस मूक पशु के अंदर पटाखे जल रहे थे ! सोचिये क्या हाल हो रहा होगा उस जीव का जो जीवित है और उसके अंदर पटाखे दग रहे हैं !
         वह फीमेल हाथी गाँव से भागती हुई सीधे पानी के अंदर चली गई, उसने किसी को भी कोई हानि नहीं पहुँचाई ! वह वहीं पानी में ही खड़ी रही जब तक कि उसकी मृत्यु नहीं हो गई! जब उसका पोस्टमार्टम किया गया तब पता चला कि वह तो प्रेगनेंट थी!  


        उस फीमेल हाथी के साथ उसका अजन्मा बच्चा भी मर गया और शायद मानवता भी ! पूरी मानव प्रजाति पर तो सवाल नहीं उठाएंगे लेकिन वो व्यक्ति जिसने इस कुकृत्य को अंजाम दिया है, क्या उसे इंसान कहना उचित होगा !
           ऐसे बेरहम, संवेदनहीन इंसानों से तो वो जानवर लाख गुना बेहतर हैं, जो इंसान का टैग नहीं लगाते लेकिन इंसानी गुणों से युक्त होते हैं  ! संवेदनशील  जानवर, संवेदनहीन मनुष्य से अच्छे होते हैं! 
                    --डॉ सीमा सिंह 
                  (Dr Seema Singh )