इटली एक बहुत खूबसूरत देश है लेकिन पिछले एक महीने से इस देश में कोरोना वायरस के चलते जो हालात बने हुए हैं वो किसी से छिपे नहीं हैं !
पूरे देश में लॉकडाउन है, लोग अपने घरों में बंद हैं! कोरोना के मरीजों की संख्या हर रोज़ तीव्र गति से बढ़ रही है! पिछले एक हफ्ते से इटली में मौत का आँकडा औसत रूप से प्रतिदिन 700 के आस-पास है!
कोरोना का केंद्र तो चीन का वुहान था फिर ये इटली कैसे पहुँचा, इसका जवाब तो यही हो सकता है कि किसी चीनी पर्यटक के द्वारा पहुँच गया होगा ! चीन से बहुत अधिक संख्या में लोग घूमने फिरने के लिये इटली जाते हैं! लेकिन जब चीन में मनुष्य से मनुष्य में फैलनी वाली इस बीमारी से रोज ही लोग मर रहे थे तो उस समय में किसी भी चीनी नागरिक का इटली जाना कहाँ तक उचित माना जाए!
खबरों के मुताबिक देखा जाए तो चीनी नागरिकों के साथ शुरुआत में जब इटली में कुछ दूरी बनाई जा रही थी तभी वहाँ के एक मेयर ने ये कहा कि हमें इन लोगों से ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिये नहीं तो हम पर नस्लवाद का आरोप लगेगा! उसी दौरान एक चीनी पर्यटक सड़क पर प्लेकार्ड लेकर खड़ी हो गई ,उस प्लेकार्ड में लिखा था कि मैं वायरस नहीं हूँ, मैं एक इन्सान हूँ, मुझे भी गले से लगाइये! (I am not a virus, I am a human being so please hug me)
इसके बाद तो दो दिन के अंदर करीब पाँच हजार लोगों ने उस चीनी पर्यटक को गले लगाया, कुछ ने तो उनके मास्क भी हटा दिये! जब ये सब हो रहा था इटली में, तब चीन में सभी लोग बहुत खुश हो रहे थे! कहीं ये चीन के द्वारा की गई कोई साजिश तो नहीं थी या फिर इसे इटली के लोगों की असावधानी भर कहेंगे!
इसके बाद इटली में शुरुआती दौर में कुछ मरीजों में एक दो लक्षण आए भी तो उसे गंभीरता से नहीं लिया गया! मरीजों को साधारण निमोनिया या बुखार की दवा देकर घर भेेज दिया गया लेकिन जब दो मरीजों की मौत हो गई तब कोरोना वायरस की टेस्टिंग शुरू की गई! फिर तो एकदम से कई केस पॉजिटिव पाए गए! लेकिन तब भी वहाँ के कुछ लोग पिक्निक मनाने में व्यस्त थे!
इटली में इन्हीं सब लापरवाहियों या प्रारम्भ में कम गंभीरता के चलते केसों की संख्या भी बहुत तेजी से बढ़ी और मौत का आँकड़ा हर रोज़ बढ़ता चला गया! जबकि दुनिया जानती है कि इटली की स्वास्थ्य सुविधाएं विश्व में नंबर दो पर आती हैं! इटली में इतनी अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं व बेहतरीन डॉक्टर होने के बावजूद कोविड 19 पर काबू पाना बहुत ही मुश्किल हो चुका है!
इटली में हर रोज़ लाशों का अंबार लगता है, जिन्हें दफनाने के लिये सेना की मदद ली जाती है! सेना के ट्रक उन्हें बाहर दूसरे स्थानों पर ले जाते हैं क्योंकि अब दफनाने का नियत स्थान भी तो नहीं बचा !इटली के हालात सुनकर किसकी आँखें नम नहीं हो जाएंगी !ऐसे मुश्किल दौर में सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश के मुखिया की होती है! इटली के प्रधानमंत्री ग्विसिपे कोंटे ने कोरोना पर विजय पाने के सभी प्रयास कर लिये लेकिन उसे नियंत्रित नहीं कर पाए! ऐसे में उनकी बेबसी को देखा जा सकता है जब उन्होंने ये कहा कि हमारी तरफ से हर तरह के प्रयास किये जा चुके हैं, अब सबकुछ ऊपरलाले के हाथ में है!
अब इटली जैसी ही स्थिति स्पेन में शुरू हो गई है! कल इटली में 683 मौतें हुई थीं वहीं स्पेन में भी 656 मौतें हुईं! इटली में अब तक कुल 7503 मौतें हो चुकी हैं ,वहीं स्पेन में भी 3647 मौतें हो चुकी हैं! अमेरिका में भी कोरोना के केसों की संख्या 68203 हो चुकी है जिसमें से 1000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है! भारत में भी कोरोना के मरीजों की संख्या 600 के पार पहुँच चुकी है और 14 लोगों की मौत हो चुकी है!
भारत में 21 दिनों का संपूर्ण देश में लॉकडाउन है! यदि भारतीय नागरिकों ने आत्मसंयम और आत्मअनुशासन दिखा दिया तो 130 करोड़ का ये सबसे बड़ा लोकतंत्र कोरोना पर विजय पाने में सफल हो सकता है! हम सबको इटली की गलतियों से सीखकर खुद को बचाना है, देश को बचाना है! इटली ,स्पेन, अमेरिका आदि सभी देशों के लिये हम सिर्फ प्रार्थना कर सकते हैं कि सभी देश अब जल्द ही इस विपदा से बाहर निकल आएं!
-- डॉ सीमा सिंह
| कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है |
पूरे देश में लॉकडाउन है, लोग अपने घरों में बंद हैं! कोरोना के मरीजों की संख्या हर रोज़ तीव्र गति से बढ़ रही है! पिछले एक हफ्ते से इटली में मौत का आँकडा औसत रूप से प्रतिदिन 700 के आस-पास है!
कोरोना का केंद्र तो चीन का वुहान था फिर ये इटली कैसे पहुँचा, इसका जवाब तो यही हो सकता है कि किसी चीनी पर्यटक के द्वारा पहुँच गया होगा ! चीन से बहुत अधिक संख्या में लोग घूमने फिरने के लिये इटली जाते हैं! लेकिन जब चीन में मनुष्य से मनुष्य में फैलनी वाली इस बीमारी से रोज ही लोग मर रहे थे तो उस समय में किसी भी चीनी नागरिक का इटली जाना कहाँ तक उचित माना जाए!
| खूबसूरत इटली |
खबरों के मुताबिक देखा जाए तो चीनी नागरिकों के साथ शुरुआत में जब इटली में कुछ दूरी बनाई जा रही थी तभी वहाँ के एक मेयर ने ये कहा कि हमें इन लोगों से ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिये नहीं तो हम पर नस्लवाद का आरोप लगेगा! उसी दौरान एक चीनी पर्यटक सड़क पर प्लेकार्ड लेकर खड़ी हो गई ,उस प्लेकार्ड में लिखा था कि मैं वायरस नहीं हूँ, मैं एक इन्सान हूँ, मुझे भी गले से लगाइये! (I am not a virus, I am a human being so please hug me)
इसके बाद तो दो दिन के अंदर करीब पाँच हजार लोगों ने उस चीनी पर्यटक को गले लगाया, कुछ ने तो उनके मास्क भी हटा दिये! जब ये सब हो रहा था इटली में, तब चीन में सभी लोग बहुत खुश हो रहे थे! कहीं ये चीन के द्वारा की गई कोई साजिश तो नहीं थी या फिर इसे इटली के लोगों की असावधानी भर कहेंगे!
इसके बाद इटली में शुरुआती दौर में कुछ मरीजों में एक दो लक्षण आए भी तो उसे गंभीरता से नहीं लिया गया! मरीजों को साधारण निमोनिया या बुखार की दवा देकर घर भेेज दिया गया लेकिन जब दो मरीजों की मौत हो गई तब कोरोना वायरस की टेस्टिंग शुरू की गई! फिर तो एकदम से कई केस पॉजिटिव पाए गए! लेकिन तब भी वहाँ के कुछ लोग पिक्निक मनाने में व्यस्त थे!
इटली में इन्हीं सब लापरवाहियों या प्रारम्भ में कम गंभीरता के चलते केसों की संख्या भी बहुत तेजी से बढ़ी और मौत का आँकड़ा हर रोज़ बढ़ता चला गया! जबकि दुनिया जानती है कि इटली की स्वास्थ्य सुविधाएं विश्व में नंबर दो पर आती हैं! इटली में इतनी अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं व बेहतरीन डॉक्टर होने के बावजूद कोविड 19 पर काबू पाना बहुत ही मुश्किल हो चुका है!
| कोरोना पीड़ित को जिन्दा रखने की कोशिश |
इटली में हर रोज़ लाशों का अंबार लगता है, जिन्हें दफनाने के लिये सेना की मदद ली जाती है! सेना के ट्रक उन्हें बाहर दूसरे स्थानों पर ले जाते हैं क्योंकि अब दफनाने का नियत स्थान भी तो नहीं बचा !इटली के हालात सुनकर किसकी आँखें नम नहीं हो जाएंगी !ऐसे मुश्किल दौर में सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश के मुखिया की होती है! इटली के प्रधानमंत्री ग्विसिपे कोंटे ने कोरोना पर विजय पाने के सभी प्रयास कर लिये लेकिन उसे नियंत्रित नहीं कर पाए! ऐसे में उनकी बेबसी को देखा जा सकता है जब उन्होंने ये कहा कि हमारी तरफ से हर तरह के प्रयास किये जा चुके हैं, अब सबकुछ ऊपरलाले के हाथ में है!
| लाशों को ले जाते हुए ट्रक |
भारत में 21 दिनों का संपूर्ण देश में लॉकडाउन है! यदि भारतीय नागरिकों ने आत्मसंयम और आत्मअनुशासन दिखा दिया तो 130 करोड़ का ये सबसे बड़ा लोकतंत्र कोरोना पर विजय पाने में सफल हो सकता है! हम सबको इटली की गलतियों से सीखकर खुद को बचाना है, देश को बचाना है! इटली ,स्पेन, अमेरिका आदि सभी देशों के लिये हम सिर्फ प्रार्थना कर सकते हैं कि सभी देश अब जल्द ही इस विपदा से बाहर निकल आएं!
-- डॉ सीमा सिंह
Very well said.....ab hame laparvahi nhee dikhani hai.... let's pray to God
ReplyDeleteघर में रहेगा इंडिया तभी तो जियेगा इंडिया!
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