| कोटा में फँसे बिहार के छात्र |
| फोटो -सोशल मीडिया |
ये छात्र उम्र के उस दौर में हैं जहाँ अकेले इस तरह से परिवार से दूर रहना उन्हें डिप्रेशन में भी ला सकता है! ये बच्चे अभी इतने बड़े नहीं हैं कि ऐसी समस्याओं के साथ ज्यादा दिन अकेले लड़ सकें! बच्चे डर रहे हैं, डर-डर कर जीना किसी को भी बीमार बना सकता है! यहाँ ये परेशान हैं और दूसरी तरफ इनके अभिभावक परेशान हो रहे हैं!
यही सब देखते हुए सबसे पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बसें भेजकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के सभी बच्चों को वापस बुला लिया! इसके बाद दूसरे कई राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि की सरकारों ने भी अपने राज्य के छात्रों को वापस बुलाने का निर्णय ले लिया!
| फोटो -सोशल मीडिया |
बिहार की नितीश कुमार सरकार ने साफ मना कर दिया कि वे अपने राज्य के छात्रों को कोटा से वापस नहीं बुलाएँगे ,इस पर बिहार के छात्रों को अत्यंत दुख हुआ और वे वहीं अंशन पर बैठ गए! बहुत से छात्रों ने वीडियो के माध्यम से बिहार सरकार से गुहार लगाई लेकिन नितीश कुमार सिर्फ लॉकडाउन का हवाला देते रहे!
जब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने छात्रों को कोटा से वापस बुलाने के लिये बसें भेजी थी तब भी नितीश कुमार ने विरोध जताया था ! बिहार में इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमाई लेकिन नितीश कुमार के कान पर जूँ नहीं रेंगी!
बिहार में रह रहे छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन किया कि कोटा में फँसे छात्रों को वापस बुलाया जाए लेकिन नितीश कुमार जी उन बच्चों की परेशानियों को समझने में नाकाम रहे!
यदि इन बच्चों को कल को खाना न मिले या उनके साथ कुछ भी बुरा हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा, क्या तब बिहार की सरकार हाथ खड़े कर लेगी और बस ये कहकर कि लॉकडाउन था, अपना पल्ला झाड़ लेगी !
जिस प्रकार से भारत सरकार ने विदेशों में रह रहे अपने छात्रों को वापस बुलाया, कई राज्य सरकारों ने कोटा से अपने छात्रों को बुलाया, ठीक उसी तरह से बिहार सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने छात्रों को वापस बुलाए! ये छात्र भारत का भविष्य हैं, ये आने वाले कल की धरोहर हैं, इनका साथ दें!
--डॉ सीमा सिंह
बिहार सरकार को छात्रों की मदद करनी चाहिए।
ReplyDeleteबिल्कुल
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