मनुष्य होकर भी मनुष्यता न दिखाएं तो मनुष्य होने का क्या लाभ ! इंसान का दिमाग सर्वश्रेष्ठ होता है तभी तो वह अन्य सभी जीवित प्राणियों को नियंत्रित करने के प्रयास में लगा रहता है! छोटे से बड़े सभी जीव- जन्तु मनुष्य के वश में हैं ! मानव हैं तो संवेदना भी जरूर होगी, यदि आप संवेदनशील नहीं हैं तो आपके मनुष्य होने पर संदेह है !
क्या किसी इंसान को बेजुबानों के साथ क्रूरता पूर्ण काम करना चाहिये ? केरल में एक हथिनी (female elephant) के साथ किसी ने बहुत ही घिनौना और क्रूर कृत्य किया है, शायद मज़े के लिये किया हो !
गर्भवती फीमेल हाथी
किसी ने अनन्नास में पटाखे रखकर उस फीमेल हाथी को खिला दिया, उस मूक पशु के अंदर पटाखे जल रहे थे ! सोचिये क्या हाल हो रहा होगा उस जीव का जो जीवित है और उसके अंदर पटाखे दग रहे हैं !
वह फीमेल हाथी गाँव से भागती हुई सीधे पानी के अंदर चली गई, उसने किसी को भी कोई हानि नहीं पहुँचाई ! वह वहीं पानी में ही खड़ी रही जब तक कि उसकी मृत्यु नहीं हो गई! जब उसका पोस्टमार्टम किया गया तब पता चला कि वह तो प्रेगनेंट थी!
उस फीमेल हाथी के साथ उसका अजन्मा बच्चा भी मर गया और शायद मानवता भी ! पूरी मानव प्रजाति पर तो सवाल नहीं उठाएंगे लेकिन वो व्यक्ति जिसने इस कुकृत्य को अंजाम दिया है, क्या उसे इंसान कहना उचित होगा !
ऐसे बेरहम, संवेदनहीन इंसानों से तो वो जानवर लाख गुना बेहतर हैं, जो इंसान का टैग नहीं लगाते लेकिन इंसानी गुणों से युक्त होते हैं ! संवेदनशील जानवर, संवेदनहीन मनुष्य से अच्छे होते हैं!
--डॉ सीमा सिंह
(Dr Seema Singh )



उस इंसान को कठोर सजा होनी चाहिए
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