पहली स्टैंडअलोन यात्रा भारत की हुई, वह सिर्फ भारत में 36 घंटे के प्रवास के लिये आठ हजार मील की यात्रा करके आए! ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई अमेरिकी राष्ट्रपति इतनी दूर सिर्फ भारत की यात्रा पर आए और पाकिस्तान या अन्य किसी देश की यात्रा किये बिना ही सीधे अमेरिका वापस चला जाए!
राष्ट्रपति ट्रंप का भारत पहुँचने से पहले उत्साहित होकर बार-बार ट्वीट करना यह बताता है कि उनके लिये ये यात्रा कितनी अहम है! यहाँ आकर अपने भाषण में भारत की, भारत के लोगों की, यहाँ की सांस्कृतिक विविधता की, यहाँ के बॉलीवुड की, यहाँ के क्रिकेटर्स की और प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ़ करना भारत के बढ़ते कद को प्रदर्शित करता है!
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| साबरमती आश्रम में दोस्ताना अंदाज में |
राष्ट्रपति ट्रंप का भारत ने बहुत ही शानदार स्वागत किया, और इस स्वागत से वो अभिभूत भी दिखाई दिये!अहमदाबाद एअरपोर्ट से मोटेरा स्टेडियम तक बाइस किलोमीटर के रोड शो में उन्हें जो सांस्कृतिक विविधता और लोगों का प्यार मिला और फिर एक लाख से अधिक लोगों से खचाखच भरे मोटेरा स्टेडियम में भारत का पलक पांवड़े बिछाना उनके दिल में ताउम्र रहेगा,ऐसा उन्होंने कहा भी था!
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| मोटेरा स्टेडियम में |
राष्ट्रपति ट्रंप की इस यात्रा को अमेरिका में आने वाले राष्ट्रपति चुनावों से जोड़ा जा रहा है, यह कहना गलत भी नहीं है क्योंकि अमेरिका में इतने भारतीय हैं कि उनके वोट के बिना ट्रंप का दोबारा राष्ट्रपति बनने का सपना अधूरा रह सकता है!
इक्कीसवीं सदी में अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते अच्छे हुए हैं, इसकी शुरुआत अटल बिहारी जी की सरकार के समय तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की भारत यात्रा से माना जाता है! इसके बाद जॉर्ज बुश और बराक ओबामा से होते हुए अब डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में रिश्तों में सुधार जारी है! प्रधानमंत्री मोदी का किसी भी राष्ट्राध्यक्ष से गर्मजोशी से मिलना और एक निराले अंदाज में उन्हें अपनी संस्कृति से रूबरू कराना सभी को भाता है, प्रधानमन्त्री मोदी का यही अंदाज राष्ट्रपति ट्रंप को भी भा गया है!
आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका और भारत दोनों को एकजुट होकर संयुक्त प्रयास की आवश्यकता है जिसका जिक्र राष्ट्रपति ट्रंप ने कल के अपने भाषण में किया भी था! लेकिन भारत की धरती पर खड़े होकर उनका पाकिस्तान से अपने अच्छे रिश्तों को बताना उचित नहीं था!
रक्षा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के मध्य तीन अरब डॉलर की डील होने की संभावना है! साथ ही यदि व्यापार, निवेश, ऊर्जा आदि पर भी कोई बात हो जाए तो अच्छा होगा! वर्तमान में भारत का अमेरिका के साथ निर्यात 52.4 यू. एस. बिलियन डॉलर है और आयात 35.5 यू. एस. बिलियन डॉलर है! भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा भविष्य में दोनों देशों के संबंधों की प्रगाढ़ता को बढ़ाने में सहयोगी साबित होगी!
भारत को बेशक अमेरिका से रिश्ते प्रगाढ़ करना फायदेमंद है किन्तु साथ ही हमारे सर्वकालिक मित्र देश रूस के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाए रखने की चुनौती भी है! भले ही रक्षा डील के अलावा कोई अहम डील नहीं होने वाली है किन्तु राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को एक नई ऊँचाई पर ले जाती हुई दिख रही है!
--डॉ सीमा सिंह


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